MERI NAJAR

Just another weblog

78 Posts

1661 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 2222 postid : 721005

ऋतुराज फागुन लाया है

Posted On: 22 Mar, 2014 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

    सघन कुंतल मेघ से कारे ,सहज ही मन चुराते है |

    माथे में जड़ी बिंदिया ,कि तारे झिलमिलाते है |

    अर्ध चन्द्राकार भौहे , पलक को जब उठाती है |

    बक्र होकर आँखे तब , बाण तीखे चलाती है |

    अधर रस से लिपट कर , शब्द जब निकलते है |

    सुर बीणा के तब सातो ,एक साथ बजते है |

    कपोलो की अरुन आभा , हाय कितनी सुनहरी है |

    कंचना कटि रुचिकर , नाभि भंवर सी गहरी है |

    मोरनी सी चाल पर कटि ,इस तरह बल खाती है |

    समंदर से लहर जैसे ,किनारे चल कर आती है |

    चालीस साल से मैं ,जिस अदा का घायल हू |

    रूपसी उस बंकु चितवन का मैं आज भी कायल हू |

    प्रणय की मधुर बेला ,प्रणय का पर्व आया है |

    बासंती हवाए साथ लेकर ,ऋतुराज फागुन लाया है |

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

5 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
March 23, 2014

चालीस साल से मैं ,जिस अदा का घायल हू | रूपसी उस बक्र चितवन का मैं आज भी कायल हू | प्रणय की मधुर बेला ,प्रणय का पर्व आया है | बासंती हवाए साथ लेकर ,ऋतुराज फागुन लाया है | मनभावन महोदय!

    rameshbajpai के द्वारा
    March 23, 2014

    प्रिय श्री जवाहर जी अब श्रृंगार रस में आप बीती लिखने का समय है |फागुन तो मादक है ही ,उसका नशा तोबस यही रस उत्पन्न करता है सो घर कि कहानी ही लिखी है | पोस्ट को सराहने के लिए हार्दिक धन्यवाद |

alkargupta1 के द्वारा
March 22, 2014

आदरणीय रमेश भाई जी , सादर अभिवादन एक लम्बे अंतराल के पश्चात साहित्यिक सौंदर्य से सुसज्जित श्रेष्ठ रचना पढ़ने को मिली

    rameshbajpai के द्वारा
    March 23, 2014

    आदरणीय बहन अलका जी इस बार कम्प्यूटर की तकनीकी अनविज्ञता के कारण रचनाये पोस्ट नहीं कर प् रहा था | आधा फागुन तो इसी में निकल गया तब शुरुवात हुयी, अब मेरे मन का फागुन पूरा होने में समय लगेगा , तो एकाध माह यह चलेगा ,तब दूसरा रस आ पायेगा | उत्साह बर्धन के लिए धन्यवाद |आपका स्वास्थ्य किसा है |


topic of the week



latest from jagran